भोजपुरी सिनेमा के रॉकस्टार: रितेश पांडेय का प्रेरणादायक सफर
रितेश पांडेय, भोजपुरी संगीत और सिनेमा के एक ऐसे नाम जिन्होंने अपने मधुर स्वर और अभिनय क्षमता से करोड़ों दिलों पर राज किया है। "हैलो कौन" जैसे गानों के चर्चित कलाकार और "बलमा बिहार वाला 2" जैसी फिल्मों के सुपरस्टार रितेश की कहानी संघर्ष, जुनून और सफलता की मिसाल है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
- जन्म और परिवार: रितेश पांडेय का जन्म 14 मई 1991 को बिहार के सासाराम जिले के एक मध्यमवर्गीय ब्राह्मण परिवार में हुआ। पिता राकेश पांडेय एक शिक्षक और माता मंजू देवी गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी के कारण परिवार को वाराणसी शिफ्ट होना पड़ा, जहाँ उनके पिता ने एक स्कूल में नौकरी की।
- शिक्षा: रितेश ने वाराणसी के एक स्थानीय स्कूल से इंटरमीडिएट (विज्ञान) में 72% अंक प्राप्त किए। परिवार चाहता था कि वे PMT की तैयारी करें, लेकिन उन्होंने संगीत को चुना और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संगीत में स्नातक किया।
संघर्ष के दिन
- शुरुआती असफलताएँ: संगीत की दुनिया में कदम रखते ही रितेश को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उनके पहले एल्बम और गाने फ्लॉप हो गए। वह अपनी कैसेट खुद दुकानों पर बेचते थे, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली।
- मोड़ की घड़ी: 2014 में "करुआ तेल" गाने के साथ उन्हें पहचान मिली। इस गाने को उन्होंने खुद पेनड्राइव में डालकर यूपी-बिहार की दुकानों पर शेयर किया, जो जबरदस्त हिट हुआ।
फिल्मी और संगीत करियर की शुरुआत
- संगीत में सफलता:
- 2017 में "पियवा से पहिले हमार रहलू" गाना 232 मिलियन व्यूज के साथ वायरल हुआ।
- 2020 में "हैलो कौन" ने यूट्यूब पर 1 बिलियन+ व्यूज के साथ ग्लोबल चार्ट में नंबर 1 स्थान हासिल किया।
- अन्य हिट गाने: "गोरी तोर चुनरी बा लाल लाल रे", "काशी हिले पटना हिले", "दर्द दिल के"।
- फिल्मों में डेब्यू:
- 2016 में "बलमा बिहार वाला 2" से एक्टिंग की शुरुआत की। इस फिल्म के गाने "पापा से परमिशन" और "पियवा से होई हे मिलनवा" भी सुपरहिट रहे।
- अन्य प्रमुख फिल्में: "तोहरे में बसेला प्राण", "रानी वेड्स राजा", "नाचे नागिन गली गली"।
व्यक्तिगत जीवन
- विवाह: 14 मई 2021 को डॉ. वैशाली पांडेय (UPSC की तैयारी कर रहीं) से शादी की। 30 मार्च 2022 को उनके घर एक बच्चे का जन्म हुआ।
- रुचियाँ: यात्रा, क्रिकेट, नृत्य। पसंदीदा खाना- लिट्टी-चोखा और दाल-चावल।
- आध्यात्मिकता: माँ विंध्यवासिनी और भगवान शिव के भक्त। अक्सर मंदिर जाते हैं।
पुरस्कार और उपलब्धियाँ
- 2015: बेस्ट पॉपुलर यंग मेल सिंगर अवार्ड।
- 2018: मलेशिया IBFA अवार्ड।
- नेट वर्थ: अनुमानित 10-50 करोड़ रुपये। दो BMW कारों के मालिक।
सामाजिक प्रभाव और विरासत
रितेश पांडेय ने भोजपुरी संगीत को ग्लोबल पहचान दिलाई है। उनके गाने न केवल बिहार-यूपी, बल्कि दुनिया भर में बजते हैं। उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा है कि मेहनत और लगन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
निष्कर्ष
रितेश पांडेय की जीवन यात्रा साधारण से असाधारण बनने की कहानी है। गरीबी, परिवार के विरोध और असफलताओं को पार करते हुए उन्होंने भोजपुरी संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। आज वह न केवल एक कलाकार, बल्कि करोड़ों के हृदय में बसने वाली मिसाल हैं।
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