शुभ लगन ट्रेलर रिव्यू: जब एक गलत रिश्ते की बेड़ियों को तोड़, सच्चे प्यार की जीत के लिए रुक जाए 'शुभ लगन' की घड़ी!
नया भोजपुरी रोमांटिक फिल्म "शुभ लगन" का ट्रेलर हाल ही में "Bhojpuri Cinema TV Channel" पर रिलीज किया गया है, जिसमें एक ताजगी भरी प्रेम कहानी, हास्य, भावनाओं और कड़क संवादों की झलक मिलती है। नीचे इस ट्रेलर और फिल्म का एक डिटेल्ड रिव्यू प्रस्तुत है, जिससे आपको पूरी कहानी का स्वाद मिल जाएगा और फिल्म देखने की उत्सुकता और भी बढ़ जाएगी.
कहानी: परिवार बनाम प्यार का 'महाभारत'
फिल्म की कहानी एक ऐसे युवा (ऋषब कश्यप ) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका दिल किसी और के लिए धड़कता है, लेकिन उसके माता-पिता और ग्रह-नक्षत्रों ने उसकी शादी का शुभ मुहूर्त किसी और के साथ तय कर दिया है ।
ट्रेलर की शुरुआत में ही हमें पता चलता है कि नायक अपनी तय हुई शादी से बिल्कुल खुश नहीं है और इस 'नमूने' से ब्याह न करने की ज़िद पर अड़ा है। नायक अपनी अरेंज मैरिज को तोड़कर अपर्णा मल्लिक (जिसे वह प्यार से 'TDS' कहता है) के साथ अपने रिश्ते को आगे बढ़ाता है। इस 'ब्रेकअप' की ख़ुशी में वह झूम उठता है: "शादी से ही पहले हमने ब्रेकअप कर लिया, फ्यूचर को अपने-आप टेकअप कर लिया!"
लेकिन यह ख़ुशी ज़्यादा देर तक नहीं टिकती। जैसे ही घर वालों को नायक के इस प्रेम संबंध के बारे में पता चलता है, परिवार में जबरदस्त ड्रामा शुरू हो जाता है। ट्रेलर में मनोज टाइगर और अन्य कलाकारों के साथ तीखी बहस और भावुक सीन्स नज़र आते हैं, जिसके बारे में कहा जाता है कि, "जब घर वालन के पता चले तो हार... शादी जो एकरा के पसंद नहीं, रामायण के कहानी में महाभारत के सीन शुरू हो जाए!"
परिवार नायक को 'TDS' से दूर रहने की सख़्त चेतावनी देता है, यह कहते हुए कि उनके प्रेम संबंध से सारे मुसीबतों की जड़ शुरू हो गई है, और "आज के बाद सब संबंध खत्म"।
लेकिन नायक अपने प्यार के प्रति दृढ़ संकल्पित है। वह भावुक होकर कहता है: "हम TDS से बहुत प्यार करनी। अगर हम ब्याह TDS से ना भाई तो हम मर जाएम, मिट जाएम, लुट जाएम !" ।
कहानी का अगला मोड़ तब आता है जब परिवार अपनी ज़िद पर अड़कर नायक की शादी किसी और से तय कर देता है। डेट फिक्स हो जाती है और कार्ड भी छप जाते हैं। दुल्हन (शालू सिंह) डोली में बैठने के लिए सज-धज कर तैयार होती है।
क्या नायक अपने सच्चे प्यार को पाने के लिए आखरी पल में कुछ कर पाएगा? क्लाइमेक्स में, जब शादी की रस्में चल रही होती हैं, नायक की एंट्री होती है, और एक ज़बरदस्त पंचलाइन के साथ ट्रेलर ख़त्म होता है: "शुभ लगन के घड़ी रुक जाए पंडित जी!"
फिल्म में रक्षा गुप्ता का गेस्ट अपीयरेंस भी कहानी में एक और दिलचस्प मोड़ ला सकता है।
तकनीकी पहलू और टीम वर्क (Technical Review):
निर्देशन और लेखन: लेखक और निर्देशक रफीक लतीफ़ शेख ने एक ऐसे विषय को चुना है जो आज भी भोजपुरी समाज में प्रासंगिक है। ट्रेलर देखकर लगता है कि उन्होंने कहानी को मजबूती से परदे पर उतारा है।
संगीत: मुन्ना दुबे का संगीत और प्यारे लाल यादव ,मुन्ना दुबे ,शेखर मधुर के बोल बेहतरीन हैं। "मेहरबानी बांटे रब के करम" और "सज धज के ओ है आज पराई" जैसे गाने कहानी के साथ खूबसूरती से बहते हैं।
कलाकार: ऋषब कश्यप और अपर्णा मल्लिक की केमिस्ट्री ताज़ा और मज़ेदार लगती है। मनोज टाइगर और प्रकाश जैस जैसे अनुभवी कलाकार अपने-अपने किरदारों में दमदार नज़र आते हैं, जो फिल्म के ड्रामा को और ऊँचा उठाते हैं।
तकनीकी टीम: D.O.P. धनंजय प्रसाद सिंह का काम लाजवाब है। हिरा लाल यादव द्वारा निर्देशित एक्शन सीक्वेंस और संजय कोरबे द्वारा कोरियोग्राफ किए गए गाने फिल्म को एक ग्रैंड लुक देते हैं।
निर्माता प्रदीप सिंह , समीर आफताब , प्रतीक सिंह की यह पेशकश यकीनन दर्शकों के लिए एक सम्पूर्ण मनोरंजन साबित होने वाली है।
हमारा मत: यह ट्रेलर रोमांस, पारिवारिक ड्रामा और एक्शन का एक ऐसा मेल है जो दर्शकों को बाँधे रखेगा। अगर आप एक ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जिसमें प्यार के लिए जंग लड़ी जाती है और अंत तक सस्पेंस बना रहता है कि कौन सा 'लगन' सच में 'शुभ' होगा, तो यह फिल्म आपके लिए है।
पूरी कहानी और नायक-नायिका के 'शुभ लगन' का अंजाम जानने के लिए, आपको सिनेमाघरों का रुख करना होगा!
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