Anand Dev Mishra, ADM Power Biography in Hindi: The Struggle Story of the Bhojpuri Actor
भोजपुरी माटी का चमकता सितारा: आनंद देव मिश्रा (ADM Power)
भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा के विशाल परिदृश्य में, भोजपुरी फिल्म उद्योग ने पिछले दो दशकों में अपनी एक विशिष्ट और सशक्त पहचान बनाई है। यह वह दुनिया है जहाँ कहानियाँ मिट्टी से जुड़ी होती हैं, संगीत में लोकधुनों का समावेश होता है, और नायक अक्सर आम आदमी के संघर्षों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसी रंगीन और संघर्षपूर्ण दुनिया में एक नाम उभरकर सामने आया है, जिसने न केवल एक अभिनेता के रूप में बल्कि एक ब्रांड के रूप में खुद को स्थापित किया है—आनंद देव मिश्रा, जिन्हें उनके चाहने वाले और फिल्म उद्योग 'एडीएम पावर' (ADM Power) के नाम से जानते हैं।
मुख्य बिंदु:
जन्म और जड़ें: बिहार के मधुबनी में पैदा हुए, धनबाद में बिताया बचपन – साधारण परिवार से, लेकिन सपनों से भरा।
करियर की शुरुआत: 2016 में डेब्यू, स्टंट डायरेक्टर से एक्टर बने, आज भोजपुरी में अपनी पहचान।
हिट फिल्में और गाने: 'बलम जी झूठ ना बोली' से शुरू, 'भाई तो भाई होता है' तक – दमदार रोल्स।
पर्सनल लाइफ: परिवार और शादी की डिटेल्स प्राइवेट, लेकिन इंस्टा पर एक्टिव – फैंस से जुड़े रहते हैं।
चुनौतियां: भोजपुरी इंडस्ट्री की रफ्तार में संघर्ष, लेकिन हार नहीं मानी। कोई बड़ा विवाद नहीं, साफ इमेज।
जन्म और परिवार: साधारण शुरुआत, मजबूत जड़ें
भाई, आनंद देव मिश्रा का जन्म बिहार के मधुबनी जिले में हुआ था – वो जगह जहां भोजपुरी की मिट्टी की खुशबू हर तरफ बसी रहती है। बचपन धनबाद (झारखंड) में बीता, जहां परिवार ने उन्हें सादगी से पाला। उनका परिवार साधारण बैकग्राउंड से है, जहां मेहनत ही सब कुछ सिखाती है। बचपन में धनबाद की गलियों में खेलना-कूदना, लोकल थिएटर या नाटकों में रुचि ये सब उनकी एक्टिंग की नींव बने।
बचपन और पढ़ाई: सपनों की उड़ान
कल्पना करो, छोटा सा आनंद धनबाद की कोयला खदानों के आसपास घूमता हुआ, लेकिन मन में सिनेमा का चस्का। बचपन साधारण था – कोई लग्जरी नहीं, लेकिन परिवार का साथ। पढ़ाई पूरी करने के बाद, वो मुंबई या भोजपुरी सेट्स की तरफ रुख किया। संघर्ष की कहानी? भोजपुरी इंडस्ट्री में नई एंट्री हमेशा आसान नहीं होती। छोटे रोल्स, स्टंट वर्क से शुरू – रिजेक्शन खाए, लेकिन हार नहीं मानी। एक इंटरव्यू में (यूट्यूब पर उपलब्ध) वो कहते हैं, "भोजपुरी हमारा खून है, यहां से ही निकला हूं तो यहां ही लौट आया।" ये शब्दों में उनकी जड़ें झलकती हैं।
करियर की शुरुआत: मेहनत का पहला कदम
आनंद का भोजपुरी सफर 2016 से शुरू माना जाता है। पहले स्टंट डायरेक्टर के तौर पर हाथ आजमाया, फिर एक्टिंग में कूद पड़े। शुरुआती दिन मुश्किल थे – छोटे बजट फिल्में, लोकल प्रमोशन। लेकिन उनकी फिटनेस और डायलॉग डिलीवरी ने डायरेक्टर्स का ध्यान खींचा। स्ट्रगल? हां, भोजपुरी में कॉम्पिटिशन कड़ा है – बड़े स्टार्स के बीच जगह बनाना आसान नहीं। लेकिन आनंद ने साइड रोल्स से ही नाम कमाया।
पहली फिल्म और गाना: ब्रेकथ्रू मोमेंट
पहली बड़ी फिल्म 'बलम जी झूठ ना बोली' (2016) – यहां उन्होंने एक्टिंग के साथ स्टंट डायरेक्शन भी किया। ये फिल्म भोजपुरी दर्शकों को पसंद आई, और आनंद का नाम चमका। पहला गाना? 'गुंजत है जहां में हमरा ही तराना' (2022, तनुश्री के साथ) – ये ट्रैक यूट्यूब पर हिट हुआ, जहां उनकी केमिस्ट्री ने फैंस को दीवाना बना दिया।
फिल्में/गाने: स्क्रीन पर जादू
जिताब हम प्यार के बाजी (2017): रोमांटिक रोल, फैंस ने खूब सराहा।
द गैंग्स ऑफ समस्तीपुर (2017): एक्शन पैक्ड, स्टंट्स ने कमाल किया।
हीरो वर्रदीवाला (2019): हीरोइक किरदार।
अब होगी हमरी हुकूमत (2022): पावरफुल परफॉर्मेंस।
पनिश (2023): थ्रिलर टच।
भाई तो भाई होता है, बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपईया (2025, अपकमिंग): ये तो कमबैक जैसी लग रही!
पर्सनल लाइफ: लव, मैरिज और फैमिली
आनंद की लव लाइफ या मैरिज के बारे में कोई कन्फर्म इंफो नहीं – लगता है वो पर्सनल स्पेस को वैल्यू देते हैं। बच्चे या वाइफ के नाम? अभी पब्लिक डोमेन में नहीं। लेकिन इंटरव्यूज से लगता है, फैमिली उनका सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम है। "फैमिली बिना जिंदगी अधूरी," जैसा वो कहते हैं। कोई रोमांस स्टोरी लीक नहीं हुई, जो इनकी सादगी दिखाता है।
अगर भोजपुरी सिनेमा एक नदी है, तो आनंद देव मिश्रा उसका एक चमकदार मोती हैं – न चमक ज्यादा तेज, लेकिन जो देखे, वो भूल न जाए। मैंने वेब सर्च, IMDb, यूट्यूब इंटरव्यूज, इंस्टा प्रोफाइल और X पोस्ट्स खंगाले। रिजल्ट? काफी लिमिटेड इंफो, क्योंकि आनंद अभी 'अंडररेटेड' कैटेगरी में हैं। लेकिन जो मिला, वो सॉलिड है।
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