फिल्म समीक्षा: "मैं कौन हूँ" – अपने अस्तित्व की खोज का एक अनूठा फ़िल्मी अनुभव
भोजपुरी सिनेमा प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है INN Bhojpuri की नई फिल्म "मैं कौन हूँ" जिसका धमाकेदार ट्रेलर 20 नवंबर 2025 को यूट्यूब पर रिलीज हो चुका है। Shivoham Entertainment Pvt. Ltd. के सहयोग से M/s Devansh Enterprise के बैनर तले बनी यह फिल्म एक तेज-तर्रार एक्शन-ड्रामा है जो रोमांच, सस्पेंस और भावनाओं से भरपूर कहानी प्रस्तुत करती है।
कहानी का सार: पहचान और सच्चाई की तलाश
ट्रेलर से स्पष्ट होता है कि "मैं कौन हूँ" एक ऐसे नायक की यात्रा है जो अन्याय और षड्यंत्रों के खिलाफ अपनी पहचान और सच्चाई के लिए संघर्ष करता है। फिल्म की कहानी अयोध्यापुर से शुरू होती है, जहां एक युवक रघुवीर (मुख्य किरदार) अपने पिता से टकराव के बाद घर से निकाल दिया जाता है।
ट्रेलर में दिखाए गए संवादों से पता चलता है कि रघुवीर के पिता उसे नालायक मानते हैं और उस पर आरोप लगाते हैं कि वह दोस्तों के साथ जुआ खेलकर पैसे बर्बाद करता है। पिता कहते हैं - "इतना मेहनत से हम पैसा कमाके लाइले , आ ते अपना दोस्तान के साथे खड़े खड़े उड़ा देले रे चोर कहीं के"। इस टकराव के बाद रघुवीर घर छोड़ देता है और एक नई यात्रा शुरू करता है।
कहानी में एक मोड़ तब आता है जब रघुवीर "झूठ, चोरी और बेईमानी" का व्यापार शुरू करने का फैसला लेता है। लेकिन उसकी शादी हो जाती है और उसकी पत्नी माया (काजल राघवानी) उसके जीवन में प्रवेश करती है। ट्रेलर में एक हृदयविदारक दृश्य है जहां माया पुलिस स्टेशन में फोन करके कहती है - "मैं रघु की पत्नी बोल रही हूं जी, आपके पति का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है, पूछताछ जारी है"।
शक्तिशाली संवाद और पंच
फिल्म के ट्रेलर में कई दमदार संवाद हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। दहेज प्रथा पर एक गहरा कमेंट्री भी फिल्म में दिखाई देती है। एक पात्र कहता है - "सबके पता सरकार के नजर में दहेज लिहल और दहेज देहल दोनों अपराधे होला। इ माया के शादी खातिर एक-एक पैसा जोड़ के रखाई तभी ना बिटिया के ब्याह हुई"। यह संवाद समाज में व्याप्त दहेज प्रथा की विडंबना को उजागर करता है।
एक और शक्तिशाली पंच है - "अपना बंदूक के सारा पीतल जब तक तोरी छाती में ना उतारब तब तक हमरो खून के सुकून ना मिली "। यह संवाद फिल्म के एक्शन तत्व और प्रतिशोध की भावना को दर्शाता है।
फिल्म का शीर्षक गीत भी अत्यंत प्रभावशाली है - "दुल्हन बना के ले ज राजा जी, कौन मैं, मैं माया हूं"। यह संवाद पहचान के संकट को प्रतिबिंबित करता है, जो फिल्म का केंद्रीय विषय प्रतीत होता है।
ट्रेलर के अंतिम भाग में एक धमाकेदार डायलॉग है – "जब तक तुम्हें अपनी आत्मा की पहचान नहीं होगी, तब तक तुम कुछ नहीं हो" यह फिल्म का मूल संदेश प्रतीत होता है।"
शानदार स्टार कास्ट
फिल्म में काजल राघवानी, आनंद चतुर्वेदी, संजय पांडेय, देव सिंह और वीना पांडेय जैसे दिग्गज कलाकारों ने काम किया है।
निर्देशन और तकनीकी पक्ष
फिल्म का निर्देशन मृत्युंजय श्रीवास्तव ने किया है जिन्होंने कहानी, पटकथा और संवाद भी लिखे हैं।
फिल्म का संगीत यस कुमार ने दिया है। गीतों के बोल संदीप साजन, राजकुमार साहनी और शेखर मधुर ने लिखे हैं जबकि आवाज प्रियंका सिंह, अंजलि यादव, सुगम सिंह और अलोक कुमार ने दी है। विद्या-विष्णु की कोरियोग्राफी और जय माँ स्टूडियो के पोस्ट प्रोडक्शन ने फिल्म को और भी आकर्षक बना दिया है।
निर्माता मुरली धर चतुर्वेदी की यह महत्वाकांक्षी परियोजना है। गया राज क्रिएटिव हेड, प्रमोद कुमार मार्केटिंग हेड और सूरज गोरखपुरी डिजिटल मैनेजर के रूप में फिल्म की टीम का हिस्सा हैं।
3 मिनट 31 सेकंड का यह ट्रेलर दर्शकों को फिल्म के हर पहलू की झलक देता है। एक्शन सीन्स अत्यंत रोमांचक हैं और सिनेमैटोग्राफी प्रभावशाली है। परिवार, रिश्ते, दहेज प्रथा, पहचान का संकट और सामाजिक समस्याओं पर गहरी टिप्पणी - यह सब कुछ इस ट्रेलर में समाहित है।
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