Bhojpuri singers face the wrath! Bihar government clean up campaign

Bhojpuri singers face the wrath! Bihar government clean up campaign

बिहार में अश्लील भोजपुरी गानों पर सख्त कार्रवाई: क्या है फै़सला, किस पर चलेगा और कानून क्या कहता है?

बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन ने अश्लील भोजपुरी गानों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे गाने बजाने वालों को सीधे जेल की सजा हो सकती है। यह अभियान महिलाओं की गरिमा और बच्चों की मानसिकता को बचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

फैसला किसने लिया?

यह फरमान मुख्य रूप से बिहार पुलिस मुख्यालय ने जारी किया है, जो मार्च 2025 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एडीजीपी (दुर्बल वर्ग) अमित कुमार जैन के निर्देश पर आया। अभिनेत्री नीतू चंद्रा ने पटना हाईकोर्ट में पीआईएल दायर कर इस मुहिम को गति दी, और नीतीश कुमार सरकार ने इसे समर्थन दिया। हाल ही में फरवरी 2026 में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे दोहराते हुए सख्ती बरतने के आदेश दिए।

 * राज्य के उच्च सुरक्षा और गृह विभाग के निर्देशों के बाद Bihar में सार्वजनिक जगहों (बस, ऑटो, ट्रक, ई-रिक्शा, बारात इत्यादि) पर अश्लील / द्विअर्थी भोजपुरी व अन्य भाषाओं के गाने बजाने पर कड़ी कार्रवाई का आदेश आया है।
 * यह निर्देश सीधे पुलिस और जिला प्रशासन को जारी किया गया उल्लंघन पर FIR दर्ज होंगे; आवश्यक हो तो वाहन जब्ती व जेल तक की कार्रवाई संभव है।
 * आदेश के जारीकर्ता के रूप में राज्य के उपमुख्यमंत्री/गृहमंत्री Samrat Choudhary ने इसे दोहराते हुए सख्ती बरतने के आदेश दिए।

गाने वालों और कंपनियों पर कार्रवाई

गाने बनाने या गाने वालों पर सीधी कार्रवाई का जिक्र कम है, लेकिन अश्लील गाने प्रसारित करने वाली म्यूजिक कंपनियों के खिलाफ जांच और कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। उदाहरणस्वरूप, मोतिहारी में एक भोजपुरी गायक अवधेश प्रेमी यादव, लेखक मंटू मनीष और म्यूजिक कंपनी पर एफआईआर दर्ज हुई। भोजपुरी फिल्मों और सोशल मीडिया पर ऐसे कंटेंट अपलोड करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।

बजाने वालों पर सजाएं

सार्वजनिक स्थलों जैसे बस, ऑटो, ई-रिक्शा, ट्रक, बारात या समारोहों में अश्लील/द्विअर्थी भोजपुरी गाने बजाने पर तुरंत एफआईआर दर्ज होगी। कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296 (अश्लील कृत्य और गीत) और 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्द/कार्य) के तहत होगी, जिसमें जेल और जुर्माना शामिल है। होली जैसे त्योहारों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इन 4 कैटेगरी के गानों पर गिरेगी गाज:

जातिसूचक शब्द: किसी विशेष जाति को नीचा दिखाने या भड़काऊ गानें।
डबल मीनिंग संवाद: वे शब्द जो सुनने में सामान्य लगें पर उनका अर्थ अश्लील हो।
हथियार और नशा: गानों में बंदूक, कट्टा या शराब को प्रमोट करना।
महिलाओं पर फब्तियां: शरीर के अंगों या रिश्तों की मर्यादा तोड़ने वाले बोल।
क्रांतिकारी अपडेट: बिहार पुलिस अब यूट्यूब चैनल्स को नोटिस भेज रही है। अगर सिंगर ने गाना डिलीट नहीं किया या सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो उनके चैनल टर्मिनेट कराए जा रहे हैं और गिरफ्तारी के वारंट जारी हो रहे हैं।

मुख्य विवरण:

सीधी FIR और जेल: बस, ट्रक, ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा और सार्वजनिक समारोहों (जैसे शादी या बारात) में अश्लील गाने बजाने पर अब बिना किसी ढिलाई के सीधे FIR दर्ज की जाएगी। दोषियों को जेल भी जाना पड़ सकता है।

कानूनी धाराएं: यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (अश्लील कार्य और गाने) और धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले शब्द या कृत्य) के तहत की जाएगी।

विशेष अभियान: होली के त्योहार को देखते हुए राज्य के सभी जिलों के SP को विशेष चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। पुलिस सड़कों पर उतरकर वाहनों की औचक जांच (Surprise Inspection) करेगी।

क्षेत्रीय भाषाएं: यह आदेश केवल भोजपुरी ही नहीं, बल्कि मगही, मैथिली और अन्य सभी भाषाओं के अश्लील गानों पर समान रूप से लागू होगा।

उद्देश्य: सरकार का मानना है कि ऐसे गानों से महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को ठेस पहुँचती है और बच्चों की मानसिकता पर बुरा असर पड़ता है।


डिस्क्लेमर (Disclaimer):

"यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। हमारा उद्देश्य किसी भी कलाकार की भावना को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि सरकार के नए नियमों के प्रति समाज और इंडस्ट्री को जागरूक करना है। कृपया कानून का सम्मान करें और साफ सुथरा मनोरंजन फैलाएं।"
Written by - Sagar

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2026-02-18 14:20:35

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