बिहार चुनाव 2025: भोजपुरी स्टार रितेश पांडे को प्रशांत किशोर ने करगहर सीट से दिया टिकट, जानिए पूरा राजनीतिक सफर
भोजपुरी संगीत की दुनिया के चमकते सितारे अब बिहार की सियासत में अपनी किस्मत आजमाने को तैयार हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने अपने 51 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है, जिसमें भोजपुरी सिनेमा के जाने-माने कलाकार रितेश पांडे को रोहतास जिले की करगहर विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है। इसके साथ ही उनकी राजनीति में औपचारिक एंट्री हो गई है और बिहार की सियासत में एक नए चेहरे का उदय हुआ है।
रितेश पांडे का राजनीतिक सफर: पार्टी बदलाव और नया मोड़
रितेश पांडे भोजपुरी फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के सफल गायक-अभिनेता रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के लिए प्रचार गाना 'हम मोदी संगे रहब' गाया था, जिससे उनका झुकाव भाजपा के करीब माना जाता रहा है.
इसके पहले, वे सक्रिय राजनीतिक सदस्य नहीं थे और किसी दल में औपचारिक रूप से शामिल नहीं हुए थे। 2024 के दौरान उन्होंने भभुआ विधानसभा से चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर की थी.
जुलाई 2025 में रितेश पांडे ने जन सुराज पार्टी को जॉइन किया, जिसका नेतृत्व प्रशांत किशोर कर रहे हैं। जॉइन करने के बाद वे लगातार करगहर क्षेत्र में सक्रिय दिखे.
जन सुराज पार्टी क्यों बनी उनकी नई मंजिल?
* जन सुराज पार्टी बिहार के सामाजिक बदलाव और सुशासन के एजेंडे पर फोकस करती है, जो युवा चेहरों और नए विचारों को प्राथमिकता दे रही है.
* भोजपुरी बेल्ट के युवाओं और ग्रामीण समाज में रितेश पांडे का जबरदस्त फैन बेस है, जिसे पार्टी ने एक 'गेम चेंजर' के रूप में देखा.
* जुलाई 2025 में पार्टी जॉइन करने के तुरंत बाद से उन्हें करगहर सीट से संभावित उम्मीदवार बताया गया.
करगहर से रितेश पांडे को टिकट देने के कारण
1. रणनीतिक महत्व: करगहर सीट रोहतास जिले की सबसे चर्चित सीटों में से एक है। 2020 में यह सीट कांग्रेस के खाते में गई थी, जो NDA और महागठबंधन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
2. युवा मतदाताओं का आधार: रितेश पांडे की युवाओं में व्यापक लोकप्रियता है। उनके गानों और फिल्मों का पूर्वांचल और बिहार में बड़ा प्रभाव है। प्रशांत किशोर ने यह दांव लगाया है कि रितेश की स्टार पावर युवा मतदाताओं को आकर्षित करेगी।
3. स्थानीय पहचान: हालांकि शुरुआत में यह चर्चा थी कि रितेश पांडे कैमूर क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें करगहर से मैदान में उतारा। खुद रितेश पांडे ने पहले कहा था कि "मैं इस क्षेत्र का नेता या गायक नहीं बल्कि बेटा हूं।"
4. प्रशांत किशोर की रणनीति: प्रशांत किशोर खुद करगहर सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा में थे, लेकिन अंततः उन्होंने रितेश पांडे पर दांव लगाया। यह फैसला यह दर्शाता है कि पार्टी नए और लोकप्रिय चेहरों को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रही है।
चुनावी चुनौतियां और संभावनाएं
एनडीए और महागठबंधन से मुकाबला
करगहर सीट पर रितेश पांडे को NDA (BJP-JDU गठबंधन) और महागठबंधन (RJD-कांग्रेस गठबंधन) दोनों से कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। 2020 में यहां से कांग्रेस विजयी रही थी, जो इस बार भी अपनी सीट बचाने की कोशिश करेगी।
क्षेत्रीय मुद्दे
विकास, रोजगार और जातीय समीकरण करगहर विधानसभा में जीत का रास्ता तय करेंगे। रितेश पांडे को स्थानीय मुद्दों पर अपनी पकड़ बनानी होगी।
स्टार पावर बनाम राजनीतिक अनुभव
रितेश पांडे के पास भले ही भारी लोकप्रियता है, लेकिन राजनीतिक अनुभव सीमित है। हालांकि, 2024 में उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिससे उन्हें कुछ राजनीतिक समझ मिली है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह
जन सुराज पार्टी ने जिस दिन उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, रितेश पांडे के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल देखा गया। करगहर में उनके कार्यकर्ता पहले से ही सक्रिय हैं और चुनाव प्रचार की तैयारी में जुटे हैं।
जन सुराज की पहली सूची में अन्य चर्चित नाम
रितेश पांडे के अलावा जन सुराज पार्टी की पहली सूची में कुछ अन्य चर्चित नाम भी शामिल हैं:
प्रीति किन्नर: समाजसेवी प्रीति किन्नर को भोरे सीट से टिकट मिला है, जो ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक बड़ा कदम है।
पूर्व IPS अधिकारी जेपी सिंह: जन सुराज में शामिल हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी को भी टिकट दिया गया है।
वकील YV गिरी: प्रतिष्ठित वकील को भी पार्टी ने मैदान में उतारा है।
रितेश पांडे का जन सुराज पार्टी में शामिल होना और करगहर से उम्मीदवार बनना बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय है। भोजपुरी सिनेमा के स्टार से लेकर राजनीतिक उम्मीदवार तक का यह सफर दिलचस्प है। प्रशांत किशोर ने युवा, लोकप्रिय और नए चेहरों को अपनी पार्टी में शामिल कर एक नई राजनीतिक कहानी लिखने की कोशिश की है।
करगहर की जनता अब यह तय करेगी कि क्या वे रितेश पांडे की स्टार पावर से प्रभावित होकर जन सुराज को मौका देंगे, या फिर पारंपरिक पार्टियों पर भरोसा जारी रखेंगे। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करगहर सीट निश्चित रूप से सबसे दिलचस्प मुकाबलों में से एक होगी।
No comments yet.