Pawan Singh और Jyoti Singh, तलाक केस का पूरा अपडेट (फरवरी 2026)
पवन सिंह और ज्योति सिंह का तलाक केस फरवरी 2026 में आरा कोर्ट में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। ज्योति सिंह ने साफ कहा कि वे तलाक नहीं चाहतीं, जबकि पवन सिंह की अनुपस्थिति ने मामला और जटिल कर दिया है।
केस का क्या हाल है? (करंट स्टेटस)
आरा सिविल कोर्ट (फैमिली कोर्ट) में चल रहे तलाक विवाद की हालिया सुनवाई 11 फ़रवरी 2026 को हुई, उस दिन अदालत में सुलह (reconciliation) की प्रक्रिया रखी गई थी, लेकिन पवन सिंह अदालत में उपस्थित नहीं हुए; उनकी अनुपस्थिति के पीछे स्वास्थ्य का हवाला बताया गया। ज्योति सिंह अदालत में भावुक रहीं और उन्होंने पति से समर्थन की अपील की।
सुनवाई किस तारीख और किस कोर्ट में हुई थी?
सुनवाई: 11 फ़रवरी 2026 (आरा सिविल/फैमिली कोर्ट में)। अगली सुनवाई के लिए समाचार रिपोर्ट्स में 24 फ़रवरी 2026 की तिथि भी बताई जा रही है।
कोर्ट: आरा सिविल कोर्ट (Family Court), आरा, बिहार।
दोनों पक्षों के वकीलों/दलीलों का सार
ज्योति सिंह की दलील (वकील द्वारा रिपोर्ट किए अनुसार):
ज्योति के वकील ने अदालत में कहा कि ज्योति को लगातार अनदेखा किया जा रहा है, वैवाहिक जीवन में सहारे की कमी रही, और उन्होंने आर्थिक सुरक्षा का भी ज़वाब मांगा रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ज्योति ने ₹10 करोड़ तक की मेंटेनेंस/सैटलमेंट की मांग का जिक्र किया (मूल रिपोर्ट का हवाला)। कोर्ट में उनकी भावनात्मक दलीलें और 'पति का समर्थन चाहिए' जैसे वक्तव्य भी रिपोर्ट हुए।
पवन सिंह या उनके पक्ष की दलील (रिपोर्ट के अनुसार):
पवन सिंह की ओर से कोर्ट में उनकी अनुपस्थिति पर स्वास्थ्य का हवाला दिया गया। फिलहाल पवन पक्ष की विस्तृत कानूनी दलीलें (जैसे तलाक की वजहें, जवाबी दावे) सार्वजनिक रूप से कम प्रकाशित हुई हैं; कई खबरें सुनवाई स्थितियों और सुलह प्रक्रिया पर केंद्रित हैं। किसी बड़ी लिखित दलील की कॉपी उपलब्ध नहीं दिखी।
जज का क्या कहना था / कोर्ट का मूड क्या था?
रिपोर्ट्स के अनुसार कोर्ट ने रिलेशनशिप सुलह (reconciliation) पर ज़ोर दिया यानी फैमिली कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुलह प्रक्रिया के लिए कहा और मामले में मध्यस्थता/रिकॉन्सिलिएशन की कोशिशों को प्राथमिकता दी। इस दौरान ज्योति की भावनात्मक अपील को न्यायालय ने नोट किया, और अगली तारीख निर्धारित की गई।
क्या दोनों पक्षों में सुलह हो पाएगा?
अभी के सार्वजनिक संकेत से यह कहना मुश्किल है कि सुलह स्थायी होगा या नहीं। फैमिली कोर्ट स्तर पर अक्सर पहले सत्र में सुलह प्रयास होते हैं, कोर्ट माध्यम से दोनों पक्षों को मनाने की कोशिश की जाती है। पर ज्योति की मेंटेनेंस डिमांड (₹10 करोड़) और पवन की अनुपस्थिति जैसी परिस्थितियाँ स्पष्ट झलक देती हैं कि मामला सरल नहीं है। अंतिम फैसला, अगर पैसों और भावनात्मक दूरी पर ही अड़ा है तो समझौता या कठोर समाधान दोनों सम्भव हैं।
ज्योति सिंह ने कोर्ट में क्या कहा मुख्य बातें
उन्होंने खुलकर कहा कि वह अपने पति का साथ चाहती हैं और वैवाहिक जीवन को बचाना चाहती हैं; फिर भी उन्होंने आर्थिक सुरक्षा के रूप में उच्च मेंटेनेंस की माँग रखी (रिपोर्ट्स में ₹10 करोड़ का जिक्र हुआ)। सुनवाई के दौरान वे भावुक हुईं और कोर्ट से सहायता की अपील की।
पवन सिंह ने क्या कहा / क्यों नहीं आए?
रिपोर्ट्स में पवन सिंह की ओर से सीधे कोर्ट कथन (आमने-सामने वक्तव्य) कम प्रकाशित हुए हैं; उनकी अनुपस्थिति पर स्वास्थ्य कारण बताया गया। कुछ अन्य मीडिया कवरेज में पवन सिंह के चुनावी/सामाजिक गतिविधियों और अन्य कानूनी मामलों का भी जिक्र मिला, जो उनकी मौजूदगी पर असर डाल सकते हैं। पर पवन की तरफ से सार्वजनिक तौर पर जारी कोई विस्तृत बयान (कानूनी दलील) रिपोर्टिंग में अभी कम दिखाई दे रहा है।
संक्षेप
सुनवाई हुई: 11 फ़रवरी 2026, आरा फैमिली कोर्ट। अगली तारीख रिपोर्ट्स के अनुसार 24 फ़रवरी 2026।
ज्योति ने कोर्ट में ₹10 करोड़ तक का मेंटेनेंस माँगा और भावनात्मक तौर पर पति का साथ चाहने की बात कही।
पवन सिंह उस सुनवाई में मौजूद नहीं थे, अनुपस्थिति के कारण के रूप में स्वास्थ्य बताया गया। कोर्ट ने सुलह-प्रयास की कोशिशें प्राथमिकता दीं।
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