भोजपुरी की बड़ी खबर: अंकुश राजा ने करवाया 11 कन्याओं का विवाह, खेसारी लाल यादव ने नवविवाहित जोड़ों को दी बाइक
भोजपुरी इंडस्ट्री से एक दिल छू लेने वाली खबर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर न्यूज पोर्टल्स तक खूब सुर्खियां बटोरी हैं। लोकप्रिय भोजपुरी गायक जोड़ी अंकुश-राजा ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए 11 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया। इस पुण्य कार्य में भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव भी शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों को बाइक भेंट कर सबका दिल जीत लिया। यह नेक कार्य राजा की शादी से पहले हुआ.
विवाह का स्थान और समय
रोहतास जिले के तेतरी गांव में सासाराम के पास अंकुश राजा के नए आलीशान घर पर 6 फरवरी 2026 को दोपहर में यह सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। 11 अलग अलग मंडपों में 11 पंडितों ने मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से विवाह कराया। राजा (रितेश दूबे) की शादी 11 फरवरी को निर्धारित है, इसलिए उनके तिलक से पहले यह आयोजन किया गया।
कन्याओं और जोड़ों की जानकारी
11 असहाय, अनाथ या गरीब कन्याओं का विवाह हुआ, जिनमें 4 4 बिहार और झारखंड से तथा 3 उत्तर प्रदेश से थीं। सोशल मीडिया के जरिए चयनित इन कन्याओं के नाम सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। सभी जोड़ों को सगी बहनों की तरह विदाई दी गई, साथ ही गृहस्थ जीवन के लिए घरेलू सामान उपहार में दिए गए।
उपस्थित भोजपुरी स्टार्स
खेसारी लाल यादव मुख्य अतिथि बने, जिन्होंने सभी 11 जोड़ों को एक एक मोटरसाइकिल (बाइक) भेंट की बाइक का सटीक मॉडल स्पष्ट नहीं, लेकिन सामान्य मोटरसाइकिल बताई गई। अंकुश राजा ने खुद गीत गाकर माहौल बनाया, खेसारी के साथ स्टेज शो भी हुआ।
आयोजन का विस्तार
पिता लक्ष्मण दूबे का पुराना संकल्प था कि बेटों की शादी से पहले 11 जरूरतमंद कन्याओं का विवाह करेंगे राजा बड़े भाई होने से पहले उनका नंबर आया। आसपास के ग्रामीण इलाकों से हजारों लोग पहुंचे, उत्सव जैसा माहौल रहा। अंकुश राजा ने सभी व्यवस्थाएं खुद कीं, जिसमें भोजन, संगीत और सामग्री शामिल थी।
खर्च का अनुमान
सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं, लेकिन 11 विवाहों के लिए मंडप, पंडित, भोजन, उपहार और स्टेज पर लाखों रुपये का अनुमानित खर्च प्रति विवाह 2 5 लाख मानें तो कुल 20 50 लाख तक। खेसारी की 11 बाइकें अतिरिक्त 10-15 लाख की। अंकुश राजा का सामाजिक योगदान सराहनीय रहा।
यह पहल भोजपुरी इंडस्ट्री की सकारात्मक छवि मजबूत करती है, वीडियो यूट्यूब पर वायरल हैं। अंकुश के पिता संगीत प्रेमी थे, जिन्होंने भाइयों को ट्रेनिंग दी। समाजसेवी दया दूबे ने चयन में मदद की
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