भोजपुरी लोकगायक भरत सिंह भारती को मिला पद्म श्री 2026
बिहार के भोजपुर जिले के लिए गौरव का क्षण है। 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा की, और इस प्रतिष्ठित सूची में बिहार के वरिष्ठ भोजपुरी लोकगायक भरत सिंह भारती का नाम शामिल है। 78 वर्षीय भरत सिंह भारती को उनकी आजीवन सेवा और भोजपुरी लोक संगीत के संरक्षण में अद्वितीय योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया है।
यह सम्मान केवल भरत सिंह भारती के लिए ही नहीं, बल्कि समूचे भोजपुरी समाज और बिहार की सांस्कृतिक धरोहर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। आइए, इस महान कलाकार की यात्रा, उनकी उपलब्धियों, और पद्म श्री 2026 के विस्तृत विवरण पर नजर डालते हैं।
भरत सिंह भारती: जीवन परिचय और संगीत यात्रा
प्रारंभिक जीवन और जन्म
संगीत की शुरुआत: 10 वर्ष की उम्र से
भरत सिंह भारती की संगीत यात्रा की शुरुआत बेहद कम उम्र में हुई। महज 10 वर्ष की आयु में, उन्होंने अपने गांव की कीर्तन मंडलियों में लोकगायन शुरू किया। यह वह दौर था जब भोजपुरी लोक संगीत गांव गांव में जीवंत था, और युवा भरत सिंह ने इसी माहौल में अपनी प्रतिभा को निखारा।
संगीत शिक्षा और प्रशिक्षण
15 वर्ष की आयु में, भरत सिंह भारती ने अपनी संगीत शिक्षा को औपचारिक रूप देने का निर्णय लिया। उन्होंने बिहार के प्रख्यात पखावज और मृदंग गुरु शत्रुंजय प्रसाद सिंह, जिन्हें 'ललन जी' के नाम से जाना जाता था, से प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण ने उन्हें न केवल गायन में, बल्कि विभिन्न वाद्ययंत्रों में भी निपुण बनाया।
भरत सिंह भारती ने निम्नलिखित वाद्ययंत्रों में दक्षता हासिल की:
तबला
हारमोनियम
बांसुरी
सितार
ढोलक
झाल
पद्म श्री 2026: भरत सिंह भारती का चयन कैसे हुआ?
चयन प्रक्रिया और मानदंड
पद्म पुरस्कारों के चयन की प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी और सख्त है। भारत सरकार हर वर्ष विभिन्न राज्य सरकारों, केंद्रीय मंत्रालयों, और उत्कृष्टता संस्थानों से नामांकन आमंत्रित करती है। इसके अलावा, आम नागरिक भी सरकार के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नामांकन कर सकते हैं।
भरत सिंह भारती के मामले में, उनका नामांकन संभवतः बिहार सरकार या स्थानीय सांस्कृतिक संगठनों द्वारा किया गया होगा। उनके 78 वर्षों के लंबे करियर और भोजपुरी लोक संगीत के संरक्षण में उनके अद्वितीय योगदान ने पद्म पुरस्कार समिति का ध्यान आकर्षित किया।
भरत सिंह भारती की योग्यता और उपलब्धियां
भरत सिंह भारती को पद्म श्री 2026 से सम्मानित किए जाने के पीछे उनकी निम्नलिखित योग्यताएं और उपलब्धियां प्रमुख हैं:
78 वर्षों का निरंतर योगदान: भरत सिंह भारती ने अपने पूरे जीवन को भोजपुरी लोक संगीत को समर्पित किया है।
लोकसंस्कृति का संरक्षण: उन्होंने भोजपुरी लोकगीतों, लोकनृत्यों, और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच: भरत सिंह भारती ने मॉरीशस, दिल्ली, गोवा, तमिलनाडु, और मध्य प्रदेश सहित देश-विदेश में कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
पूर्व में प्राप्त सम्मान: उन्हें संगीत नाटक अकादमी अमृत पुरस्कार (2022-23), विंध्यवासिनी देवी पुरस्कार (2015-16), और पूर्वी पुरोधा महेंद्र मिश्रा स्मृति सम्मान (2025) मिल चुके हैं।
समाज सेवा: भरत सिंह भारती ने शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
पद्म श्री पुरस्कार: कौन देता है और कैसे मिलता है?
पद्म पुरस्कार भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं। इन पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या (25 जनवरी) को की जाती है।
राष्ट्रपति द्वारा सम्मान
पद्म पुरस्कारों का वितरण राष्ट्रपति भवन में एक भव्य समारोह में किया जाता है। भारत के राष्ट्रपति स्वयं प्रत्येक पुरस्कार विजेता को सम्मानित करते हैं। इस समारोह में प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्री, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित होते हैं।
भरत सिंह भारती को भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह पुरस्कार प्राप्त हुआ । यह उनके जीवन का सबसे गौरवशाली क्षण था
पद्म पुरस्कार 2026: कुल कितने लोगों को मिला सम्मान?
वर्ष 2026 के लिए भारत सरकार ने कुल 131 व्यक्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करने की घोषणा की है। इन पुरस्कारों का वितरण तीन श्रेणियों में किया गया है:
पद्म विभूषण: 5 व्यक्ति (असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए)
पद्म भूषण: 13 व्यक्ति (उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए)
पद्म श्री: 113 व्यक्ति (किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए)
पद्म विभूषण 2026
इस वर्ष पद्म विभूषण से सम्मानित होने वाले प्रमुख व्यक्ति हैं:
धर्मेंद्र देओल (मरणोपरांत) - सिनेमा के 'हीमैन'
वी.एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) - केरल के पूर्व मुख्यमंत्री
डॉ. एन. राजम - विश्व प्रसिद्ध शास्त्रीय वायलिन वादक
पद्म भूषण 2026
पद्म भूषण से सम्मानित प्रमुख हस्तियां:
शिबू सोरेन (मरणोपरांत) - झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक
अलका याग्निक - प्रसिद्ध पार्श्व गायिका
ममूटी - दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता
उदय कोटक - प्रसिद्ध बैंकर और उद्योगपति
विजय अमृतराज - पूर्व टेनिस खिलाड़ी
पद्म श्री 2026: खेल जगत के सितारे
खेल जगत से पद्म श्री पाने वालों में शामिल हैं:
रोहित शर्मा - भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान, T20 वर्ल्ड कप 2024 विजेता
हरमनप्रीत कौर - भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान
सविता पूनिया - भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी
प्रवीण कुमार - पैरा एथलीट
पद्म श्री पुरस्कार से क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
पद्म श्री पुरस्कार भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। हालांकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि यह पुरस्कार मुख्य रूप से एक सम्मान है, न कि कोई वित्तीय पुरस्कार।
केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाले लाभ
प्रमाण पत्र: राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित एक विशेष प्रमाण पत्र
पदक: कांस्य का एक विशेष पदक जिस पर कमल का फूल अंकित होता है
प्रतिकृति: पदक की एक प्रतिकृति भी प्रदान की जाती है
कोई नकद पुरस्कार नहीं
केंद्र सरकार की नीति के अनुसार, पद्म पुरस्कारों के साथ कोई नकद राशि नहीं दी जाती है। इसके साथ ही, रेल या हवाई यात्रा में किसी प्रकार की रियायत या अन्य वित्तीय लाभ भी नहीं मिलते हैं।
राज्य सरकारों द्वारा मिलने वाले लाभ
कुछ राज्य सरकारें अपने स्तर पर पद्म पुरस्कार विजेताओं को विशेष सुविधाएं और सम्मान राशि प्रदान करती हैं:
तेलंगाना: 25 लाख रुपये की एकमुश्त राशि और 25,000 रुपये की मासिक पेंशन
छत्तीसगढ़: पद्म श्री विजेताओं को 10,000 रुपये की मासिक सहायता राशि
ओडिशा, कर्नाटक, और चंडीगढ़: विशेष पेंशन और सुविधाएं
सामाजिक और प्रतिष्ठा संबंधी लाभ
पद्म श्री पुरस्कार के सबसे बड़े लाभ सामाजिक और प्रतिष्ठा से जुड़े हैं:
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान
अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ के रूप में मान्यता
परिवार, गांव, और जिले के लिए गौरव
भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत
भोजपुरी कलाकारों को मिले पद्म पुरस्कार: एक ऐतिहासिक समीक्षा
भोजपुरी भाषा और संस्कृति का भारतीय लोक संगीत में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हालांकि, भोजपुरी कलाकारों को पद्म पुरस्कारों में सीमित प्रतिनिधित्व मिला है। आइए कुछ प्रमुख भोजपुरी कलाकारों को जानें जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ है:
1. बिंध्यवासिनी देवी - पद्म श्री 1974
बिंध्यवासिनी देवी एक भारतीय संगीतकार और विंध्य कला मंदिर की संस्थापक थीं। उन्हें मैथिली, भोजपुरी, और मगही संगीत में विशेषज्ञता प्राप्त थी। उनको भारत सरकार ने 1974 में पद्म श्री से सम्मानित किया था। संगीत नाटक अकादमी ने उन्हें 1991 में अपना वार्षिक पुरस्कार दिया। बिंध्यवासिनी देवी जी की मृत्यु 86 वर्ष की उम्र में 18 अप्रैल 2006 को हुई।
2. शारदा सिन्हा - पद्म विभूषण 2025 (मरणोपरांत)
शारदा सिन्हा बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका थीं, जिन्हें 'बिहार कोकिला' के नाम से जाना जाता था। उन्हें मैथिली और भोजपुरी लोकगीतों में विशेषज्ञता प्राप्त थी। दुर्भाग्यवश, उनका निधन 2024 में हो गया, और उन्हें 2025 में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
3. भरत सिंह भारती - पद्म श्री 2026
भरत सिंह भारती वर्ष 2026 में पद्म श्री से सम्मानित होने वाले नवीनतम भोजपुरी लोकगायक हैं। उनका सम्मान भोजपुरी संस्कृति के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
भरत सिंह भारती की प्रमुख उपलब्धियां और योगदान
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुतियां
भरत सिंह भारती ने भोजपुरी लोक संगीत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है:
मॉरीशस में सागर महोत्सव में उनके एल्बम 'पुरबिया तान' का राष्ट्रपति द्वारा लोकार्पण
दिल्ली, गोवा, तमिलनाडु, और मध्य प्रदेश में विशेष कार्यक्रम
ऑल इंडिया रेडियो पटना के ऑडिशन बोर्ड में योगदान (2015)
पूर्व में प्राप्त सम्मान और पुरस्कार
संगीत नाटक अकादमी अमृत पुरस्कार (2022-23): पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा प्रदान
विंध्यवासिनी देवी पुरस्कार (2015-16): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा प्रदान
पूर्वी पुरोधा महेंद्र मिश्रा स्मृति सम्मान (2025)
शिक्षा और समाज सेवा में योगदान
भरत सिंह भारती ने केवल संगीत के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि शिक्षा और समाज सेवा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बिहार कला, संस्कृति और युवा विभाग (2017) में नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई।
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