मनु कृष्ण: भोजपुरी सिनेमा का वो चमकता सितारा जिसने संघर्ष से रचा इतिहास!
"एक्टिंग सिर्फ पेशा नहीं, मेरी धड़कन है। दर्द भरे दिनों ने ही मुझे आज का 'मनु' बनाया!"
— मनु कृष्ण
जन्म और प्रारंभिक जीवन
मनु कृष्णा, जिनका असली नाम कृष्णा मोहन त्रिपाठी है, भोजपुरी सिनेमा की चर्चित एक्टर हैं। उनका जन्म 1988 में उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के सोहावल कस्बे में हुआ था। पिताजी: महेंद्र मोहन त्रिपाठी (रूरल इंजीनियरिंग सर्विसेज के ‘A‑Class’ अफसर), अब सेवानिवृत्त। माताजी: उषा त्रिपाठी (गृहिणी)। मनु का बचपन बेहद साधारण वातावरण में बीता, जहां परिवार में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की गहरी छाप थी। बचपन से ही उन्हें अभिनय व कला से बेहद लगाव था और वे स्कूल के हर सांस्कृतिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे
शिक्षा
मनु ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई स्थानीय स्कूल में ही की। प्री‑मेडिकल टेस्ट (PMT) की तैयारी कर रहे थे। दो साल प्रयास के बावजूद मनचाही रैंक न मिलने पर उन्होंने विज्ञान की पढ़ाई छोड़ दी और अपने बचपन के सपने को सच करने दिल्ली चले गए। इसके बाद अभिनय के प्रति अपनी रुचि को और निखारने के लिए उन्होंने श्री राम सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स, नई दिल्ली से एक्टिंग का कोर्स किया। इसी दौरान वे थिएटर से भी जुडे और मंच पर कई यादगार प्रस्तुतियां दीं, जिससे उनके अभिनय कौशल को धार मिली।
अभिनय करियर की शुरुआत
मनु कृष्णा ने अपने करियर की शुरुआत 2016 में भोजपुरी फिल्म 'बबुआ' से की। इसी फिल्म ने उनकी दमदार उपस्थिति का अहसास इंडस्ट्री को कराया। उसके बाद उन्होंने 'तेरा बाप मेरा बाप' नामक हिंदी टीवी सीरियल (2017) में भी काम किया, जिसमें उनका 'भगदर सिंह' का किरदार खासा लोकप्रिय रहा। धीरे-धीरे वे भोजपुरी सिनेमा की जानी-पहचानी और व्यस्त अभिनेता में शुमार हो गए उनकी पूरे प्रदेश और भारत के अलावा, विदेशों में भी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है।
प्रमुख फिल्में और उपलब्धियां
मनु कृष्णा ने अब तक कई सुपरहिट फिल्मों और प्रोजेक्ट्स में काम किया है, जिनमें प्रमुख हैं:
बबुआ (2016) – यह उनकी डेब्यू फिल्म थी, जिससे उनको भोजपुरी सिनेमा में पहचान मिली।
ब्लैकबोर्ड Vs व्हाइटबोर्ड (2019) – एक शिक्षण पर आधारित फिल्म, जिसमें उनके अभिनय की काफी सराहना हुई।
जय (2024) – हाल ही में रिलीज इस फिल्म ने उन्हें फिर चर्चाओं में ला खड़ा किया।
फिर सुबह होगी (2020) – इस फिल्म से उनके अभिनय की विविधता सामने आई।
मनु को इंडस्ट्री में उनकी मेहनत, अनुशासन और अलग अंदाज के लिए जाना जाता है। वे हमेशा नए-नए किरदारों और कहानियों को चुनने में विश्वास रखते हैं, जिससे उनकी अदाकारी में ताजगी बनी रहती है।
निजी ज़िंदगी
मनु कृष्णा की निजी ज़िंदगी सरल और अनुशासन-पुर्ण है। वे अविवाहित हैं और पूरी तरह अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करते हैं। मीडिया से दूर रहना पसंद करने वाली मनु को घूमना, जिमिंग करना और ट्रैवलिंग का बेहद शौक है। उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी उनकी फिटनेस और घूमने-फिरने की तस्वीरें देखने को मिलती हैं।
वे एक फिटनेस फ्रीक हैं और रोजमर्रा की एक्सरसाइज को अपनी लाइफ का अहम हिस्सा मानती हैं। उन्होंने कभी-कभी धूम्रपान करना कबूल किया, पर शराब के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
व्यक्तित्व और लोकप्रियता
मनु कृष्णा साधारण परिवेश की लड़का हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से आज भोजपुरी इंडस्ट्री में एक खास मुकाम हासिल किया है। उनकी एक्टिंग, संवाद अदायगी, आंखों की मासूमियत और असली अंदाज फैंस को बेहद पसंद आता है।
उनका मानना है – "कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। अपने सपनों के लिए पूरा समर्पण जरूरी है।" वे कहते हैं कि उनके घर-परिवार, गुरुजनों और थिएटर के दिनों ने उनकी सोच और हुनर को आकार दिया।
संक्षेप में
पूरा नाम: कृष्णा मोहन त्रिपाठी (स्क्रीन नेम – मनु कृष्णा)
जन्म: 1988, सोहावल, अयोध्या, उत्तर प्रदेश
शिक्षा: श्री राम सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स, नई दिल्ली – अभिनय कोर्स
पहली फिल्म: बबुआ (2016)
प्रमुख फिल्में: बबुआ, ब्लैकबोर्ड Vs व्हाइटबोर्ड, फिर सुबह होगी, जय
वैवाहिक स्थिति: अविवाहित
शौक: घूमना, फिटनेस, जिम, एक्टिंग
पहचान: मेहनती, अनुशासनप्रिय व प्रतिभाशाली
मनु कृष्णा का जीवन संघर्ष, प्रेरणा और अभिनय के प्रति गहरे समर्पण का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने साधारण परिवार से निकलकर भोजपुरी सिनेमा में पहचान और सफलता हासिल की। फिलहाल वे अपने नए प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं और भविष्य में बड़ी उपलब्धियों के लिए प्रतिबद्ध हैं। फैंस को उनसे आगे और भी शानदार अदाकारी की उम्मीद है
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