भोजपुरी सिनेमा की अदाकारा अंजना सिंह: संघर्ष, सफलता और सशक्तिकरण की मिसाल
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
अंजना सिंह का जन्म 7 अगस्त 1990 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर में एक मध्यमवर्गीय राजपूत परिवार में हुआ था । हालाँकि कुछ स्रोत उनके जन्मस्थान को बिहार बताते हैं, लेकिन अधिकांश जानकारियाँ लखनऊ को ही सही मानती हैं । बचपन से ही अभिनय और नृत्य में रुचि रखने वाली अंजना ने अपनी शिक्षा बिहार के बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से स्नातक की डिग्री प्राप्त की । उन्होंने अपने पिता के प्रोत्साहन से कला के क्षेत्र में कदम रखने का निर्णय लिया, जो एक इंजीनियर थे और उनके सपनों को पंख देते रहे ।
करियर की शुरुआत: मॉडलिंग से टीवी तक
अंजना ने अपने करियर की शुरुआत ब्यूटी पेजेंट्स से की। उन्होंने "मिस बहराइच" और "मिस उत्तर प्रदेश" जैसे खिताब जीते, जिसके बाद वह मुंबई पहुँची और मॉडलिंग के साथ-साथ ऑडिशन देने लगीं । 2012 में, उन्होंने भोजपुरी टीवी धारावाहिक "भाग ना बचे कोई" के साथ अपने अभिनय करियर की शुरुआत की, जो महुआ टीवी पर प्रसारित हुआ । इसी वर्ष, उनकी पहली भोजपुरी फिल्म "एक और फौलाद" रिलीज़ हुई, जिसने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया ।
फिल्मी सफर: रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धियाँ
अंजना ने अपने करियर के पहले दो वर्षों में ही 25 से अधिक फिल्मों में काम करके भोजपुरी इंडस्ट्री में एक रिकॉर्ड बनाया । उनकी कुछ उल्लेखनीय फिल्मों में "लहू के दो रंग" (2012), "दिलदार सांवरिया" (2013), "जिगर" (2017), और "शहंशाह" (2017) शामिल हैं । 2017 में, उन्हें लंदन के इंटरनेशनल भोजपुरी फिल्म अवार्ड्स में "बेस्ट एक्ट्रेस (व्यूअर्स चॉइस)" और 2018 में मलेशिया में "बेस्ट एक्ट्रेस" का खिताब मिला ।
उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें खेसारी लाल यादव, पवन सिंह, और रवि किशन जैसे बड़े कलाकारों के साथ काम करने का अवसर दिया । 2024 तक, उन्होंने 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है और "घर की मालकिन", "बड़े घर की बेटी" जैसी महिला-केंद्रित कहानियों को चुना, जो सामाजिक मुद्दों को उजागर करती हैं ।
व्यक्तिगत जीवन: प्रेम, विवाह और तलाक
अंजना ने 2013 में भोजपुरी अभिनेता यश कुमार मिश्रा से विवाह किया, जिनके साथ उन्होंने फिल्म "दिलदार सांवरिया" में काम किया था । 2019 में, इस दंपति की एक बेटी अदिति का जन्म हुआ । हालाँकि, व्यस्त करियर और व्यक्तिगत मतभेदों के कारण उनका रिश्ता टूट गया, और 2023 तक वे तलाक ले चुकी थीं । अंजना अब अपनी बेटी के साथ लखनऊ में रहती हैं और खुद को एक "सिंगल सुपरमॉम" के रूप में स्थापित किया है ।
संघर्ष और चुनौतियाँ
अंजना का सफर आसान नहीं रहा। शुरुआती दिनों में उन्हें भोजपुरी भाषा न आने के कारण आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने मेहनत से इसे सीखा । उन पर "फेक गर्लफ्रेंड" होने के आरोप लगे और ट्रोलर्स ने उनकी पर्सनल लाइन को लेकर कड़ी टिप्पणियाँ कीं, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने काम से जवाब दिया । एक बार एक फैन द्वारा उनकी निजी जगह में घुसपैठ की घटना के बाद उन्होंने ब्लॉगिंग छोड़ दी ।
सामाजिक योगदान और विरासत
अंजना न केवल एक अभिनेत्री, बल्कि महिला सशक्तिकरण की प्रतीक हैं। वह महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य अभियानों से जुड़ी हैं और "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे कार्यक्रमों का समर्थन करती हैं । उनकी जीवनशैली और संघर्ष ने युवाओं को प्रेरित किया है, जिसे उन्होंने "द एडी शो" में खुलकर साझा किया ।
वर्तमान प्रोजेक्ट्स और भविष्य की योजनाएँ
2024-25 में, अंजना की "घर की मालकिन", "ठाकुरगंज", और "बड़े घर की बेटी" जैसी फिल्में रिलीज़ होने वाली हैं, जिनमें वह महिला नेतृत्व वाली भूमिकाएँ निभा रही हैं । वह बॉलीवुड में भी अपनी पहचान बनाने की इच्छुक हैं और सामाजिक संदेश वाली कहानियों को प्राथमिकता देती हैं ।
शारीरिक संरचना और पसंदीदा चीजें
- ऊँचाई: 5 फुट 5 इंच
- वजन: 60 किलोग्राम
- आँखों का रंग: भूरा
- पसंदीदा अभिनेता: रणबीर कपूर
- पसंदीदा रंग: पीला
- पसंदीदा गायक: सोनू निगम
निष्कर्ष: एक अदम्य जुनून की कहानी
अंजना सिंह की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की नहीं, बल्कि उस महिला की है जिसने समाज की बंदिशों को तोड़कर अपनी पहचान बनाई। उनका कहना है, "मैं पत्थर पर लिखी इबारत हूँ, जो गिर-गिर कर भी खड़ी हो जाती हूँ" । भोजपुरी सिनेमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाली यह अभिनेत्री आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बन चुकी है।
No comments yet.