भोजपुरी अभिनेत्री Akanksha Awasthi पर दर्ज धोखाधड़ी केस, पूरा तथ्यों पर आधारित विश्लेषण
भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा अवस्थी पर 11.50 करोड़ की ठगी का पुलिस केस दर्ज, पूरी सच्चाई सामने आई। मुंबई पुलिस ने हाल ही में इस सनसनीखेज मामले में एफआईआर दर्ज की है, जो भोजपुरी सिनेमा जगत में हलचल मचा रहा है।
केस का पूरा बैकग्राउंड
आकांक्षा अवस्थी और उनके पति विवेक कुमार उर्फ अभिषेक कुमार सिंह चौहान पर मुंबई के कस्टम्स क्लीयरेंस एजेंट हितेश कांतिलाल अजमेरा ने 11.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, मार्च से जुलाई 2024 तक हितेश ने आरोपी दंपति को कई बैंक खातों में कुल 11.50 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।
आरोपियों ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी ताकतवर पोजीशन, अंधेरी में फिल्म स्टूडियो और आर्टिस्ट ट्रेनिंग सेंटर होने का दावा किया।
धोखाधड़ी की पूरी कहानी
विवेक कुमार ने हितेश को बताया कि बिहार के बेतिया में एक वेयरहाउस में 300 करोड़ रुपये कैश फंसा हुआ है, जो कानूनी पेचीदगियों के कारण रिलीज नहीं हो पा रहा। उन्होंने वादा किया कि अगर हितेश मदद करेंगे तो 4 दिनों में 200 करोड़ रुपये बिना ब्याज के लौटा देंगे, साथ ही स्टूडियो की मालिकी और शोहरत भी मिलेगी।
पटना ले जाकर फर्जी वेयरहाउस दस्तावेज दिखाए गए, जिससे हितेश का भरोसा बढ़ा।
घटना का टर्निंग पॉइंट
5 जुलाई 2024 को बेतिया जाते समय विवेक कार से उतरकर मिठाई खरीदने का बहाना बनाकर गायब हो गया, उसके बाद फोन स्विच ऑफ हो गया।
हितेश ने स्वास्थ्य खराब होने और मानसिक तनाव के कारण शिकायत में देरी की, आखिरकार 28 जनवरी 2026 को पंतनगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई।
पुलिस स्टेशन और कानूनी धाराएं
केस मुंबई के पंतनगर पुलिस स्टेशन (घाटकोपर इलाका) में दर्ज किया गया है।
धोखाधड़ी (IPC 420), आपराधिक साजिश (IPC 120B) और विश्वासघात (IPC 406) जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज है। पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, दस्तावेजों और आरोपी दंपति की लोकेशन की जांच कर रही है।
वर्तमान स्टेटस
फरवरी 2026 तक आरोपी आकांक्षा अवस्थी और विवेक कुमार फरार हैं, कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
तफ्तीश जारी है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों और कैश जमा की सच्चाई साबित करने पर फोकस है।
यह मामला भोजपुरी इंडस्ट्री में बड़े घोटाले की आशंका पैदा कर रहा है।
आकांक्षा का बयान और अन्य डिटेल्स
उपलब्ध जानकारी में आकांक्षा अवस्थी का कोई आधिकारिक बयान नहीं मिला।
कुछ रिपोर्ट्स में उनका पुराना चोरी का थार कार से जुड़ा केस का जिक्र है, लेकिन इस ठगी से सीधा संबंध अस्पष्ट।
मीडिया कवरेज से साफ है कि यह इंडस्ट्री के नाम पर लोगों को लूटने का सुनियोजित प्लान था।
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