Lucknow Ki Badki Patna Ki Chotki Review: रानी चटर्जी की नई

Lucknow Ki Badki Patna Ki Chotki Review: रानी चटर्जी की नई

Lucknow Ki Badki Patna Ki Chotki Review: यूपी-बिहार की तकरार, परिवार का प्यार और दिल को छू लेने वाली कहानी

भोजपुरी सिनेमा में जब पारिवारिक फिल्मों की बात होती है, तो दर्शकों को ऐसी कहानियां सबसे ज्यादा पसंद आती हैं जिनमें रिश्तों की मिठास, भावनाओं की गहराई और मनोरंजन का भरपूर तड़का हो। अब ऐसी ही एक शानदार फिल्म "लखनऊ की बड़की पटना की छोटकी" का ट्रेलर रिलीज हो चुका है, जिसने दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर दी है।

फिल्म का ट्रेलर B4U Bhojpuri चैनल पर रिलीज किया गया है और रिलीज होते ही दर्शकों के बीच इसकी चर्चा तेज हो गई है। ट्रेलर देखकर साफ पता चलता है कि यह फिल्म सिर्फ कॉमेडी या पारिवारिक ड्रामा नहीं, बल्कि रिश्तों, दर्द, संस्कृति और परिवार की ताकत को बेहद खूबसूरत तरीके से दिखाने वाली है।

क्या है फिल्म की कहानी?

फिल्म की कहानी दो बहुओं के इर्द-गिर्द घूमती है एक लखनऊ की और दूसरी पटना की।

दोनों अलग-अलग संस्कृतियों और माहौल से आती हैं। एक तरफ यूपी की तहजीब और अंदाज है, तो दूसरी तरफ बिहार की सादगी और तेज-तर्रार बोली। शुरुआत में दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों पर नोकझोंक देखने को मिलती है, जो दर्शकों को खूब हंसाती भी है।
घर के अंदर भाषा, खान-पान, रहन-सहन और परंपराओं को लेकर होने वाली मजेदार बहसें ट्रेलर की सबसे बड़ी खासियत हैं।
लेकिन कहानी केवल हंसी-मजाक तक सीमित नहीं रहती।
जैसे-जैसे ट्रेलर आगे बढ़ता है, कहानी भावनात्मक मोड़ लेती है। परिवार में खुशियों के बीच अचानक दुख का पहाड़ टूट पड़ता है। मां बनने का सपना टूटने के बाद एक बहू मानसिक रूप से बिखर जाती है और यहीं से फिल्म की असली भावनात्मक यात्रा शुरू होती है।

ट्रेलर की सबसे दमदार बात

इस ट्रेलर की सबसे बड़ी ताकत इसकी भावनात्मक गहराई है।
जहां शुरुआत में दर्शक हंसते हैं, वहीं बाद में कई दृश्य आंखें नम कर देते हैं। खासकर बच्चे को खोने के बाद मां के दर्द और परिवार के सहारे को जिस तरह दिखाया गया है, वह सीधे दिल को छूता है।

फिल्म यह संदेश देती है कि:

परिवार केवल खुशियों में साथ रहने का नाम नहीं है।
असली रिश्ते मुश्किल समय में पहचाने जाते हैं।
प्यार और अपनापन किसी भी दर्द को कम कर सकता है।

रानी चटर्जी का दमदार रोल

भोजपुरी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री Rani Chatterjee इस फिल्म में बेहद मजबूत किरदार में नजर आ रही हैं।

ट्रेलर में उनका अभिनय काफी प्रभावशाली दिखता है। कभी वह मजाकिया अंदाज में नजर आती हैं, तो कभी परिवार को संभालती हुई एक मजबूत महिला के रूप में दिखाई देती हैं।

उनके संवाद और भावनात्मक सीन दर्शकों को काफी पसंद आने वाले हैं।

संजना पांडेय ने भी जीता दिल

फिल्म में Sanjana Pandey का किरदार काफी भावुक और महत्वपूर्ण दिखाई दे रहा है।

उनकी मासूमियत, दर्द और संघर्ष को ट्रेलर में बेहद खूबसूरती से दिखाया गया है। खासकर इमोशनल सीन्स में उनकी एक्टिंग दर्शकों को कहानी से जोड़ देती है।

क्यों देखें ये फिल्म? Punch (हाइलाइट्स)

सांस्कृतिक मेल-मिलाप: यूपी और बिहार की बोलियां, खाना और रस्में मजेदार और 
जेठानी-देवरानी बॉन्ड: झगड़े से शुरू होकर प्यार तक रियल लाइफ वाली केमिस्ट्री।
इमोशनल डेप्थ: बच्चे को खोने का दर्द और रिकवररी बहुत मार्मिक तरीके से दिखाया गया।
फैमिली मैसेज: मुश्किल वक्त में परिवार का साथ सबसे बड़ा इलाज है।
एंटरटेनमेंट: हंसी, रोना, गाने पूरा पैकेज।

हमारी राय

"लखनऊ की बड़की पटना की छोटकी" केवल दो बहुओं की कहानी नहीं लगती, बल्कि यह हर उस परिवार की कहानी है जहां अलग-अलग संस्कृतियां, सोच और भावनाएं एक साथ रहती हैं।
ट्रेलर देखकर लगता है कि फिल्म दर्शकों को हंसाएगी भी, रुलाएगी भी और रिश्तों की अहमियत भी समझाएगी।
अगर फिल्म की कहानी ट्रेलर जितनी मजबूत निकली, तो यह आने वाले समय की सबसे चर्चित भोजपुरी पारिवारिक फिल्मों में शामिल हो सकती है।

Director: Manjul Thakur
Concept: Sandeep Singh
Writer: Arbind Tiwari
Music Director: Om Jha
Cinematographer: Imran Shagun
Editor: Sameer Shaikh & Zaheed Khan
Choreographer: M.K Gupta (Joy)


Thanks 
Written by - Fajal Boy

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2026-06-08 19:13:02

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