बाबूजी के चाही दुल्हनिया ट्रेलर आ गया है भाई! बेटे की शादी की चिंता में बाबूजी खुद दुल्हनिया ढूंढने पर उतारू
अगर आप भी उन फिल्मों के दीवाने हो जो घर परिवार की मिट्टी की खुशबू, हंसी मजाक, रोमांस और थोड़ा सा एक्शन लेकर आती हैं, तो ये खबर आपके लिए है। Bhojpuri Dhamaka चैनल पर रिलीज हुआ है "बाबूजी के चाही दुल्हनिया" का धांसू ऑफिशियल ट्रेलर।
ट्रेलर देखते ही मन में एक सवाल उठता है बेटे की शादी की उम्र हो गई, लेकिन बाबूजी पहले खुद क्यों दुल्हनिया चाह रहे हैं?
फिल्म की कहानी
कहानी का बेसिक झांकी: पिता‑पुत्र, शादी और दहेज
ट्रेलर की शुरुआत ही दिखाती है कि बाबूजी (पिता) अपने बेटे की पढ़ाई पूरी होने के बाद उसकी शादी का सपना देख रहे हैं। वह अपने बेटे के लिए “अच्छी बहू” ढूंढते‑ढूंढते पूरे गांव के घरों में घूमते और रिश्तेदारों से बातें करते दिखते हैं। यहीं से फिल्म की कहानी का पहला बड़ा ट्विस्ट शुरू होता है।
दहेज की मांग, “5 लाख रुपये और 10 तोला सोना” जैसे डायलॉग ट्रेलर में ज़ोर शोर से उभरते हैं, जो न सिर्फ कॉमेडी बल्कि समाज की वास्तविकताओं की तरफ भी इशारा करते हैं।
बाबूजी की अकेलापन और अपनी शादी का आइडिया
ट्रेलर का सबसे इमोशनल मोड़ तब आता है जब दर्शकों को दिखता है कि बाबूजी अपने अकेलेपन को लेकर गहरे में जूझ रहे हैं। वह बेटे की शादी के साथ साथ यह भी सोचने लगते हैं कि “अब थोड़ी देर में मेरी भी दुल्हनिया ढूंढ ली जाए।”
बेटा इस आइडिया से उलझा हुआ, शर्मिंदा और थोड़ा गुस्से में भी दिखता है, जो ट्रेलर को और भी दिलचस्प बना देता है।
काजल के इर्द गिर्द बनता रोमांस और ड्रामा
कहानी में काजल नामक लड़की एक नई जोश भरी भूमिका निभाती है। ट्रेलर में दिखता है कि बेटा उससे प्यार करता है, लेकिन परिवार में उसकी शादी मामा/रिश्तेदारों द्वारा तय किए गए लड़के के साथ तय हो जाती है।
इसी बीच “देवदास” बनने, बेटे के घर छोड़कर भाग जाने और काजल के अपने घर से भागने जैसे दृश्य ट्रेलर में ऐड‑ऑन सस्पेंस और ड्रामा पैदा करते हैं।
एक्शन, कॉमेडी और “दुल्हन को आसमान‑पाताल से ढूंढे”
ट्रेलर के बीच बीच में एक्शन सीन्स और हल्की फुल्की विलेन वाले दृश्य दिखाए जाते हैं, जो बताते हैं कि यह सिर्फ फैमिली ड्रामा नहीं, बल्कि एक एंटरटेनमेंट पैक्ड भोजपुरी मसाला फिल्म है।
ट्रेलर का क्लाइमेक्स वाला हिस्सा एक बार फिर ह्यूमर और धमाके के साथ आता है, जहां बाबूजी और उनके दोस्त एक जोरदार चेतावनी देते हैं कि दुल्हन को “आसमान में हो या पाताल में” ढूंढ लाया जाएगा!
कास्ट और क्रू की जानकारी
Starcast: लाडो मधेशिया, विनोद मिश्रा, शालू सिंह आदि।
Writer & Director: धीरेंद्र अग्रवाल
Producers: सूर्य प्रताप सिंह & अखंड प्रताप सिंह
Co-Producer: भानु प्रताप सिंह
Music: सावन कुमार, राहुल यादव & राज खान
Lyrics: राम किशन, यादव नीरज & अरविंद निशाद
Editor & Trailer: मनन गुप्ता
Action: सुयोग आर. रिजाल
Cinematography: अभिषेक सिंह
टीम काफी अनुभवी दिख रही है। खासकर लाडो मधेशिया की एक्टिंग हमेशा दमदार रहती है।
कुछ हाईलाइटस
* पिता की बेटे की शादी की चिंता – बहुत ही नॉर्मल और हंसी-मजाक भरा।
* दहेज का सौदा – मिठाई लाल जी का एंट्री, दर्शक हंस-हंस के लोटपोट।
* इमोशनल ट्विस्ट – बाबूजी का अकेलापन और अपना शादी का फैसला।
* काजल के साथ रोमांस और संघर्ष – "देवदास" वाला सीन दिल छू लेता है।
* क्लाइमेक्स – बाबूजी की जोरदार वार्निंग। ट्रेलर यहीं पर खत्म होता है और मन में भूख छोड़ जाता है।
ये ट्रेलर सिर्फ प्रमोशन नहीं, बल्कि एक मजेदार प्रॉमिस है। भोजपुरी सिनेमा में फैमिली ड्रामा हमेशा चलता है, लेकिन इसमें बाप-बेटे के रिश्ते को नया ट्विस्ट दिया गया है। दहेज प्रथा, पारिवारिक दबाव, प्यार और विद्रोह – सब कुछ है।
ट्रेलर देखकर लगता है कि पूरी फिल्म हंसी, रोने और तालियां बजवाने वाली होगी। अगर आप Khesari Lal Yadav, Nirahua, Pawan Singh वाली फिल्मों के फैन हैं तो ये भी आपके लिस्ट में जरूर ऐड होना चाहिए।
Thanks
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