भोजपुरी सिनेमा की नई चमक: "आँखें" मूवी रिव्यू
भोजपुरी मूवी "आंखें (Aankhein)" का ट्रेलर हाल ही में "Desidhuns" यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है और रिलीज के साथ ही भोजपुरी सिनेमा के दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा में आ गया है। इस फिल्म में प्रदीप पांडेय “चिंटू” मुख्य भूमिका में हैं, और उनके साथ यामिनी सिंह, आस्था सिंह, अमित तिवारी, सुशील सिंह, संजय पांडे, अशिश सिंह बंटी, श्रद्धा नवल, लोटा तिवारी, बबलू खान जैसी स्टारकास्ट नजर आएंगे। आइए जानें इस फिल्म का मजेदार और जानदार रिव्यू:
फिल्म की कहानी और निर्देशन
"आंखें" एक पारिवारिक प्रेम कहानी पर आधारित है, जिसमें इमोशन्स, एक्शन और पंचायत पॉलिटिक्स का बेहतरीन मिश्रण है। निर्देशक सुजीत कुमार सिंह ने कहानी को समेटने में कामयाबी पाई है, जबकि पटकथा- संवाद वीरू ठाकुर ने लिखे हैं, जो फिल्म को बेहतरीन पंच देते हैं। ट्रेलर में प्रदीप पांडेय का डायलॉग- “मोहब्बत में बेवफाओं पर कोई मुकदमा थोड़ी होता है” और “हमसे गलत काम बर्दाश्त ना होई” जैसे पंच जबरदस्त असर छोड़ते हैं।
अभिनय और कैरेक्टर
संजय पांडे और सुशील सिंह जैसे अनुभवी कलाकारों ने फिल्म को मजबूत सहारा दिया है।
संगीत और तकनीकी पक्ष
फिल्म का म्यूजिक मधुकर आनंद ने दिया है और गाने को अपनी आवाज दी है प्रियंका सिंह ने। गानों में लोकल टच और इमोशनल मेलोडी दोनों हैं। “हारमोनियम पर गाया गया दर्द भरा गीत हो या कॉलेज लाइफ पे बेहतरीन गीत”- हर गाना दर्शकों को जोड़ता है।
सिनेमेटोग्राफी राजू अन्ना की है, जो गांव की खूबसूरती और शहर का ठाठ दोनों दिखाने में सफल रही है।
एक्शन डायरेक्शन एस. मल्लेश का है – फाइट सीन्स में ‘आंखों’ वाले पंच महसूस होते हैं।
VFX और पोस्ट प्रोडक्शन इंदरदेव यादव और HAF MAIND की टीम ने अच्छे से हैंडल किया है जिससे ट्रेलर आकर्षक लगता है।
रिलीज़ और स्पेशल फीचर
“आंखें” को भोजपुरी के साथ-साथ बंगाली, उड़िया और छत्तीसगढ़ी भाषाओं में भी रिलीज किया जाएगा ताकि फिल्म अधिक दर्शकों तक पहुंच सके।
फिल्म पारिवारिक मूल्यों और युवा संघर्ष को दर्शाती है, जिससे यूपी, बिहार और साउथ के ऑडियंस से कनेक्ट बनता है।
कुल मिलाकर “आंखें” एक एमोशन, एक्शन और वैल्यूज से भरपूर फिल्म लगती है। प्रदीप पांडेय “चिंटू” का अंदाज और कड़क डायलॉग, साथ में दमदार कैरक्टर एक्टिंग, दिल से निकला संगीत और आधुनिक तकनीकी पक्ष – फिल्म को शानदार बनाते हैं। भोजपुरी सिनेमा में नई लहर लाने वाली यह मूवी दर्शकों के लिए ‘आंखों का तारा’ साबित हो सकती है।
Punch Line:
“अंधे की आंखों में भी सपना झलकता है, बस उसे पहचानने के लिए एक नजर चाहिए – और वो नजर इस फिल्म में मिलेगी!”
“आंखें” का ट्रेलर देखना न भूलें, और अपनी फैमिली के साथ थिएटर में जरूर देखने जाएं – क्योंकि जब सपना आंखों में जगे, तो हर मुश्किल आसान लगती है!
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