Vaibhav Suryavanshi viral dance after U19 World Cup win: 175 runs ka tufan.

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अंडर 19 वर्ल्ड कप विजेता वैभव सूर्यवंशी का धमाकेदार प्रदर्शन और वायरल भोजपुरी डांस

बिहार के बेटे ने रचा इतिहास: 175 रन की तूफानी पारी

क्रिकेट की दुनिया में एक नया सितारा चमक उठा है और उसका नाम है वैभव सूर्यवंशी। महज 14 साल की उम्र में इस युवा खिलाड़ी ने 6 फरवरी 2026 को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऐसा धमाकेदार प्रदर्शन किया जिसे क्रिकेट इतिहास में सदियों तक याद रखा जाएगा।

फाइनल मैच का रोमांचकारी प्रदर्शन

वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ महज 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली। यह प्रदर्शन क्रिकेट की किसी भी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में अब तक की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है। उन्होंने अपनी इस पारी में 15 चौके और 15 छक्के जड़े, जो किसी भी युवा क्रिकेट वनडे पारी में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड है।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने वैभव की बदौलत 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर ढेर हो गई और भारत ने 100 रनों के विशाल अंतर से अपना छठा अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब जीता।

इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार भी मिला।

रिकॉर्ड्स की झड़ी

वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम किए:

अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सर्वाधिक स्कोर: 175 रन (पिछला रिकॉर्ड था उन्मुक्त चंद का 111 रन)
आईसीसी टूर्नामेंट फाइनल में सर्वाधिक स्कोर: किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट फाइनल में सबसे बड़ी पारी (सीनियर या अंडर-19)
भारत का अंडर-19 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक स्कोर: राज बावा के 162 रन के रिकॉर्ड को तोड़ा
युवा वनडे में सर्वाधिक छक्के: एक पारी में 15 छक्के
दूसरी सबसे तेज सेंचुरी: 55 गेंदों में शतक (अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे तेज)


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समस्तीपुर के तजपुर गांव की कहानी

वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर जिले के तजपुर गांव में हुआ था। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी एक किसान हैं, जो खुद भी एक महत्वाकांक्षी क्रिकेटर थे लेकिन सुविधाओं और अवसरों के अभाव में उनका सपना अधूरा रह गया। लेकिन उन्होंने अपने बेटे में प्रतिभा देखी और अपने अधूरे सपने को पूरा करने का संकल्प लिया।

संघर्ष और समर्पण

जब वैभव महज 4 साल के थे, तब उनके पिता ने उन्हें प्लास्टिक की गेंद से खेलते देखा और उनमें असाधारण शक्ति पाई। उसके बाद उन्होंने अपने घर के पिछवाड़े में एक छोटा सा क्रिकेट मैदान बनाया जहां वैभव अड़ोस पड़ोस के बच्चों के साथ अभ्यास करते थे।

पिता का त्याग:


2021 में मोतिपुर में अपनी जमीन बेची ताकि बेटे के क्रिकेट प्रशिक्षण को फंड कर सकें
अपनी नौकरी छोड़ दी और पूरा समय वैभव के करियर को समर्पित किया
समस्तीपुर से पटना तक लगभग 100 किलोमीटर की दूरी हर वैकल्पिक दिन तय की

माता का समर्पण:

सुबह 2 बजे उठकर खाना तैयार करतीं
बेटे के सपने के लिए मात्र 3 घंटे सोतीं

8 साल की उम्र में वैभव को पटना में मनीष ओझा की जेनेक्स क्रिकेट अकादमी में दाखिला मिला, जहां उनकी प्रतिभा निखर कर सामने आई।

वायरल भोजपुरी डांस: जीत का जश्न

ड्रेसिंग रूम में धमाल
फाइनल जीतने के बाद भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में जो जश्न मनाया गया, वह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वैभव सूर्यवंशी ने अपने साथियों से कहा, "पंजाबी गाना नहीं समझ में आता गाइज, अब भोजपुरी बजेगा।"

पवन सिंह के गाने पर थिरकन

इसके बाद वैभव और उनके साथियों ने प्रसिद्ध भोजपुरी गायक पवन सिंह के हिट गाने "Sorry Sorry" पर जमकर डांस किया। यह वीडियो राजस्थान रॉयल्स ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर "एक बिहारी सब पर भारी" के कैप्शन के साथ शेयर किया।


गृहनगर में खुशी की लहर

तजपुर गांव और पूरे समस्तीपुर जिले में वैभव की सफलता पर जश्न का माहौल है। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहा, "उसने हमारे गांव, बिहार और पूरे भारत को गौरवान्वित किया है। हम बेहद खुश हैं और जश्न मना रहे हैं।"
उनके दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा, "19 साल से कम उम्र का एक खिलाड़ी इस तरह का खेल दिखाए, यह ऐतिहासिक है।"
Written by - Sagar

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2026-02-07 18:48:32

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