गोलू राजा : भोजपुरी संगीत के चमकते सितारे
भोजपुरी संगीत और फिल्म जगत में गोलू राजा एक ऐसा नाम है जिसने अपनी प्रतिभा और मेहनत से लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई है। एक सफल गायक से अभिनेता तक का सफर तय करने वाले गोलू राजा ने भोजपुरी संस्कृति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि
गोलू राजा का जन्म 1997 में और पालन-पोषण उनके गांव नावाडीह में हुआ। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े गोलू राजा बचपन से ही संगीत में रुचि रखते थे। गांव के सामान्य परिवार से आने वाले गोलू राजा अपने माता-पिता के साथ गहरा लगाव रखते हैं और आज भी अपना जन्मदिन अपने गांव नावाडीह में अपने माता-पिता के साथ मनाना पसंद करते हैं।
ग्रामीण परिवेश में रहते हुए, गोलू राजा ने संगीत की ओर अपना रुझान विकसित किया। भोजपुरी लोक संगीत से प्रभावित होकर उन्होंने अपनी आवाज़ को निखारना शुरू किया। गांव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर उन्होंने अपनी प्रतिभा को पहचानना शुरू किया और धीरे-धीरे बड़े मंचों पर अपनी प्रस्तुति देने का सपना देखने लगे।
संगीत की शुरुआत
गोलू का संगीत से रिश्ता बहुत कम उम्र से शुरू हो गया था। मात्र 6 साल की उम्र में वह अपने स्कूल और गांव के छोटे-मोटे कार्यक्रमों में गाना गाने लगे थे। उनकी मधुर आवाज़ और भोजपुरी गानों को गाने का अनोखा अंदाज़ धीरे-धीरे लोगों में लोकप्रिय होने लगा। उनकी आवाज में एक खास जादू था, जो लोगों को उनकी ओर खींचता था। परिवार और दोस्तों ने उनकी इस प्रतिभा को पहचाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
धीरे-धीरे उनकी गायकी की चर्चा गांव से बाहर निकली। फिर एक बड़ा मौका आया जब उन्होंने भोजपुरी सिंगिंग रियलिटी शो "नहले पे दहला" में हिस्सा लिया। इस शो ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और उन्हें भोजपुरी संगीत की दुनिया में पहचान दिलाई।
"मेरे लिए संगीत सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा है," गोलू राजा ने एक इंटरव्यू में कहा था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन अपने जुनून और दृढ़ संकल्प के कारण वे हमेशा आगे बढ़ते रहे।
करियर की शुरुआत और पहला गाना
रियलिटी शो के बाद गोलू ने भोजपुरी गायन को अपना करियर बनाने का फैसला किया। साल 2015 में उनका पहला गाना "गड़ बड़ाइल रहता मिजाज" रिलीज हुआ। यह गाना भोजपुरी दर्शकों के बीच खूब पसंद किया गया और गोलू को एक नई पहचान मिली। इस गाने की सफलता ने उनके लिए भोजपुरी इंडस्ट्री के दरवाजे खोल दिए।
करियर का विकास
गोलू राजा ने अपने करियर में कई यादगार प्रदर्शन दिए हैं। उनके स्टेज शो भोजपुरी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं और वे अक्सर अनुपमा यादव और शिवकुमार बिक्कू जैसे अन्य प्रसिद्ध भोजपुरी कलाकारों के साथ स्टेज साझा करते हैं।
उनके गीत और परफॉर्मेंस विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद लोकप्रिय हैं, जहां उनके फैन बड़ी संख्या में उनके शो में शामिल होते हैं। उनकी हास्य प्रस्तुतियां और भावपूर्ण गीत दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
गोलू राजा को असली पहचान उनके स्टेज परफॉर्मेंस से मिली। अब तक वह 150 से ज्यादा स्टेज शो कर चुके हैं। उनकी एनर्जी और दर्शकों से जुड़ने का तरीका उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है। उनके कुछ मशहूर गानों में "आजा राजा जी के कोरवे में" और "नजरिया के बान से" शामिल हैं, जो यूट्यूब पर लाखों बार देखे जा चुके हैं।
भोजपुरी संगीत में योगदान
गोलू राजा का भोजपुरी संगीत में अमूल्य योगदान रहा है। उन्होंने अपने गानों के माध्यम से ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखा है। उनके गीतों में जीवन के विभिन्न पहलू, प्रेम, दर्द, खुशी और ग्रामीण जीवन की झलक देखने को मिलती है।
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फिल्मी करियर
गायकी के क्षेत्र में सफलता हासिल करने के बाद, गोलू राजा ने भोजपुरी फिल्म उद्योग में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने गायक से हीरो बनने का सफर तय किया, जो कि किसी भी कलाकार के लिए सराहनीय उपलब्धि है।
उन्होंने भोजपुरी फिल्म "पृथ्वीराज" में मुख्य भूमिका निभाई। इस फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों ने सराहा और यह उनके करियर का एक और अहम पड़ाव साबित हुआ। गायन के साथ-साथ अभिनय में भी उनकी सफलता ने यह दिखाया कि वह एक बहुमुखी कलाकार हैं।
जिंदगी का मुश्किल दौर - बलिया गोलीकांड
गोलू के जीवन में एक ऐसा वक्त भी आया जब वह मुश्किल में पड़ गए। 26 अक्टूबर 2020 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के महाकरपुर गांव में एक भाजपा नेता के बेटे के जन्मदिन समारोह में गोलू को गोली लग गई। यह घटना हर्ष फायरिंग के दौरान हुई थी। गोली उनके दाहिने हाथ में लगी और उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए बक्सर शिफ्ट किया गया।
लेकिन गोलू ने हिम्मत नहीं हारी। धीरे-धीरे उनकी सेहत में सुधार हुआ और वह पूरी तरह ठीक हो गए। इस हादसे ने उनके जीवन को एक नया नजरिया दिया और वह पहले से भी ज्यादा मजबूत होकर लौटे।
अभिनय के अलावा स्टेज शोज के दौरान कुछ सह-कलाकारों के साथ मतभेद और सोशल मीडिया चर्चाएँ भी हुईं, जिनमें विशेष रूप से अनुपमा यादव के साथ पेश आए विवाद शामिल हैं ।
निजी जीवन
गोलू राजा अभी अविवाहित हैं और अपने परिवार के साथ पिरो गांव में रहते हैं। वह अपने करियर को गांव से ही संचालित करते हैं और समय-समय पर रिकॉर्डिंग या स्टेज शो के लिए बाहर जाते हैं। उनका परिवार उनकी सबसे बड़ी ताकत है और वह अपने माता-पिता और बहन के साथ सादगी भरा जीवन जीते हैं।
गोलू राजा की कहानी मेहनत, लगन और हौसले की कहानी है। 1997 में जन्मे इस साधारण से लड़के ने अपनी आवाज से भोजपुरी संगीत को एक नई पहचान दी। चाहे वह उनका पहला गाना हो, स्टेज परफॉर्मेंस हो, फिल्म में अभिनय हो या फिर मुश्किल वक्त से उबरना हो - गोलू ने हर कदम पर खुद को साबित किया। आज वह न सिर्फ एक गायक हैं, बल्कि भोजपुरी संस्कृति का एक चेहरा हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
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